3 Mar 2026, Tue

मुख्यमंत्री फडणवीस ने दावोस में किया‘एल्युमिनियम मैन’ भरत गीते का गौरव

  • एक साल में भरत गीते ने MoU को उत्पादन में किया तकदील

दावोस (स्वित्झर्लैंड): महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ‘एल्युमिनियम मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से पहचाने जाने वाले उद्योगपति भरत गीते की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) में पिछले वर्ष किए गए 500 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (MoU) को महज एक साल के भीतर सफलतापूर्वक लागू कर वास्तविक उत्पादन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि इतने कम समय में उद्योग स्थापित करने वाले गीते जैसे मराठी उद्यमियों पर पूरे राज्य को गर्व है।

दावोस में चल रहे विश्व आर्थिक मंच के दौरान मुख्यमंत्री फडणवीस और भरत गीते के बीच हुई बातचीत के समय उन्होंने यह बात कही। इस अवसर पर उद्योग स्थापना की योजना, तेज़ क्रियान्वयन, प्रशासन और उद्यमियों के बीच समन्वय तथा अर्थव्यवस्था में विनिर्माण क्षेत्र की बढ़ती भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई। फडणवीस ने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे केंद्र सरकार के अभियानों को आगे बढ़ाने वाले ऐसे प्रकल्प यह संदेश देते हैं कि सीमित समय में भी बड़े उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अहिल्यानगर जिले के सुपा एमआईडीसी में स्थापित ‘तौरल इंडिया’ का अत्याधुनिक एल्युमिनियम कास्टिंग्स विनिर्माण संयंत्र कम समय में उत्पादन शुरू कर राज्य के सामने एक आदर्श औद्योगिक मॉडल के रूप में उभरा है। इस परियोजना से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं और क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को भी गति मिली है।

फडणवीस ने कहा, “यह उदाहरण साबित करता है कि समझौता ज्ञापन केवल कागजों तक सीमित न रहकर एक वर्ष के भीतर वास्तविक उत्पादन में बदले जा सकते हैं। भरत गीते और तौरल इंडिया इसका सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं। मराठी उद्यमियों में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता है और यदि उन्हें उचित नीतिगत समर्थन मिले तो महाराष्ट्र उद्योग क्षेत्र में नए शिखर हासिल करेगा।”

इस अवसर पर भरत गीते ने कहा कि तौरल इंडिया ने 2016 से औद्योगिक विस्तार करते हुए ऊर्जा क्षेत्र, रक्षा उत्पादन, चिकित्सा उपकरणों और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली सटीक एल्युमिनियम कास्टिंग्स के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में योगदान से राज्य की औद्योगिक प्रगति को मजबूती मिली है और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिला है।

गीते ने यह भी कहा कि विनिर्माण क्षेत्र एक मजबूत अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और यदि ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, बुनियादी ढांचा, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, रक्षा सहायक उद्योग, कृषि-प्रसंस्करण और उच्च मूल्य निर्यातोन्मुख उद्योग मजबूत होते हैं, तो महाराष्ट्र का औद्योगिक आधार और अधिक सुदृढ़ होगा।

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